यूजीसी के नए नियम से प्री-पीएचडी में पढ़ा रहें शिक्षकों की बढ़ी मुश्किले

नैनीताल।

विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) ने प्री-पीएचडी कक्षाओं में पढ़ा रहें शिक्षकों के लिए नए नियम जारी कर दिए है। इस सन्दर्भ में विवि अनुदान आयोग ने देशभर के सभी विवि के लिए सर्कुलर जारी कर दिया है। इसके अलावा विवि को नोटिस भी भेजे गए है। नए नियम के लागू होने से विवि में पढ़ा रहें तमाम शिक्षक अध्यापन के पात्र नहीं रह सकेंगे। नए नियम के अनुसार प्री-पीएचड में पढ़ाने के लिए शिक्षक को दस वर्ष का अनुभव होना जरूरी है। दरअसल यूजीसी देश में शोध की गुणवत्ता बढ़ाने व शोध को समाज व देश के विकास में उपयोगी बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है। यूजीसी के नए नियमों के अनुसार अब प्री-पीएचडी कोर्स में ग्रुप डिस्कसन व प्रयोगात्मक सत्र भी होगा। इसमें मूल्यांकन, असाइनमेंट, समूह चर्चा, कक्षा में सहभागिता, लिखित परीक्षा के आधार पर मूल्यांकन हो सकेगा। नया नियम नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। यूजीसी की सिफारिशें लागू करना विवि की जिम्मेदारी है।

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