डिजिटल लेनदेन को हल्के में लेने वाले उच्च शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत

नई दिल्ली।

देश में मौजूदा विवि में डिजिटल लेनदेन को लेकर सरकार की सक्रियता फिर से सामने आई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश भर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से इसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी मांगी है। साथ ही इनमें फिसड्डी संस्थानों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के भी संकेत दिए हैं। इसमें संस्थानों को मिलने वाली जरूरी मदद भी रोकी जा सकती है।

यूजीसी देश भर के सभी संस्थानों को डिजिटल लेनदेन की व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश पहले से दे चुका है। बावजूद इसके हाल ही में उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ बैठक में यूजीसी के सामने कुछ ऐसे मामले सामने आए, जिसमें डिजिटल लेनदेन को लेकर संस्थानों का रवैया सुस्त दिखा है। इसके बाद तो यूजीसी ने सभी संस्थानों से इससे संबंधित ब्योरा देने को कहा है जिसमें पिछले सालों में किए गए डिजिटल लेनदेन सहित संस्थानों में यह व्यवस्था कहां-कहां लागू है, आदि की जानकारी मांगी गई है। यूजीसी ने इस संबंध में जारी निर्देश में सभी संस्थानों से 16 अगस्त तक पूरा ब्योरा देने को कहा है। फिलहाल यह ब्योरा विश्वविद्यालयों से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तैयार किए गए पोर्टल (यूएएमपी) पर भेजने को कहा है। विवि और कालेजों में डिजिटल लेनदेन को लेकर सरकार का यह जोर इसलिए भी है, क्योंकि छात्रवृत्ति, फेलोशिप सहित फीस से जुड़ी तमाम वित्तीय गतिविधियां संचालित होती हैं।

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