छात्र शिवांश कुलश्रेष्ठ द्वारा निर्मित एक संचार पोर्टल लिंगोकैप लॉन्च किया गया

छात्र शिवांश कुलश्रेष्ठ द्वारा निर्मित एक संचार पोर्टल लिंगोकैप  लॉन्च किया गया


अपने बधिर दादा से बातें करने के लिए 11वीं के छात्र ने कमाल कर दिखाया है. अपनों की बात को सही न समझ पाने की बात का मलाल इस बच्चे के दिमाग मे ऐसा चढ़ा कि इसने एक ऐसी एप्लीकेशन बना डाली ,जो भारत के मूक बधिर समुदाय के लिए अब वरदान साबित होगी. ये ऐप पांच भारतीय भाषाओं में वीडियो संचार के लिए रि‍यल टाइम स्पीच कैप्शनिंग उपलब्ध कराने वाला पहला ऐप है जिसका फायदा अब लाखों लोग उठा सकते हैं जो सुन या बोल नहीं पाते.

ये ऐप दिल्ली पब्लिक स्कूल, वसंत कुंज दिल्ली के छात्र शिवांश कुलश्रेष्ठ ने बनाई है. इसके पीछे की कहानी कुछ इस तरह है कि साल 2020 के शुरुआत में उनके इलाज के लिए जयपुर चले गए थे. उनको ठीक से सुनाई नहीं देता था जिसका इलाज कराने वो जयपुर चले गए थे. शिवांग को उस समय उनसे साथ बात करने में कठिनाई हो रही थी. ज़ूम, गूगल मीट्स या स्काइप जैसे आधुनिक वीडियो-एप्लिकेशन ओर वेबसाइट  में से किसी ने भी भारतीय भाषाओं के लिए कैप्शनिंग नहीं थी, इससे वो अपने दादा से अपनी बात नहीं कर पा रहे थे. 

युवा छात्र ने इसे एक उल्लेखनीय अंतर के रूप में पहचाना और अपने दादा के साथ बात करने के लिए भारतीय भाषाओं के बोलने वालों के लिए लिंगोकैप बनाया. यह सेवा बोलने और सुनने में अक्षम भारतीयों के लिए एक अनूठा माध्यम प्रदान करती है, जिनकी संख्या लगभग 75 लाख या उससे अधिक है. 

 

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