गढ़वाल विवि में ‘ईडब्ल्यूएस’ के तहत पांच फीसदी सीटें बढ़ेंगी

देहरादून।

राज्य के महाविद्यालयों में संसाधनों की कमी आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों (ईडब्ल्यूएस) के लिए बढ़ने वाली सीटों के आड़े आ गई हैं। स्थिति ये है कि गढ़वाल विश्वविद्यालय ने संसाधनों की कमी के चलते ईडब्ल्यूएस के लिए दस की जगह पांच प्रतिशत सीटें ही बढ़ाने का निर्णय लिया है।

केंद्र सरकार ने एससी, एसटी, ओबीसी की तर्ज पर आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के लिए अलग से 10 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की है। इस शैक्षणिक सत्र 2019-20 से ईडब्ल्यूएस को दस फीसदी आरक्षण दिया जाना है, लेकिन राज्य के महाविद्यालयों में शिक्षक और अन्य संसाधनों की कमी के चलते आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। गढ़वाल विवि से संबद्ध करीब 70 महाविद्यालयों में संसाधनों की कमी के चलते विवि ने पाठ्यक्रमवार आवंटित कुल सीटों में 10 के स्थान पर पांच प्रतिशत वृद्धि करने के ही निर्देश जारी किए हैं।

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