स्कूल करें नियम-कायदों का सही ढंग से पालनः मीनाक्षी सुंदरम

देहरादून।

गुणवत्तापरक शिक्षा व शैक्षिक अभ्यासों के मानकीकरण के लिए विभाग हर स्तर पर प्रयास कर रहा है। इसमें निजी स्कूलों का भी सहयोग चाहिए। यह बात शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने प्रिसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन के सहयोग से दिव्य हिमगिरी व मानवाधिकार संरक्षण केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘आइडिया एक्सचेंज मीट’ में कही।

सेंट जोजफ्स एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य, चेयरमैन व निदेशकों को संबोधित करते उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थिति में भी अवसर की तलाश करें। भावी पीढ़ी को शिक्षा प्रदान करते हुए एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखें। ताकि वह भी जीवनभर इसी सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ें। देश के एक अच्छे नागरिक बनें। कुछ स्कूलों के अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने संबंधी नोटिस के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की कार्रवाई से पूर्व विभाग मामले की तह तक जरूर जाता है। किसी को बिना वजह परेशान करने की मंशा कतई नहीं है। इतना जरूर है कि स्कूल सभी नियम-कायदों का सही भावना के साथ पालन करें। अभिभावक संघ के नाम पर कथित फर्जीवाड़े पर उन्होंने कहा कि महकमा यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसा न हो और स्कूलों के संचालन में किसी भी तरह की कठिनाई न आए। प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कश्यप ने शिक्षा का अधिकार के तहत लंबित भुगतान का मामला शिक्षा सचिव के सम्मुख रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आइटीआइ के तहत शुल्क का पुनर्निर्धारण किया जाना चाहिए। कश्यप ने कहा कि एनसीईआरटी के साथ ही रेफरल बुक लगाने की इजाजत भी दी जानी चाहिए। क्योंकि एनसीईआरटी से कहीं न कहीं रिजल्ट प्रभावित हुआ है। लंबे वक्त से लंबित फीस एक्ट पर भी उन्होंने चिंता जाहिर की। कैम्ब्रियन स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. एससी बयाला ने कहा कि एक सूक्ष्म अवधि में एक के बाद एक, कई नीतिगत बदलाव हुए हैं। जिससे स्कूलों के संचालन में व्यवहारिक दिक्कतें आई है।

मानवाधिकार संरक्षण केंद्र के अध्यक्ष एवं एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी को सुझाव दिए। महासचिव कुंवर राज अस्थाना ने शिक्षा में नवाचार पर बात की। उन्होंने कहा कि बच्चों की किताबों पर निर्भरता कम से कम होनी चाहिए। इससे पूर्व सेंट जोजफ्स के प्रधानाचार्य ब्रदर बाबू वर्गिस ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस दौरान मुख्य शिक्षाधिकारी आशा रानी पैन्यूली, एससीईआरटी से संयुक्त निदेशक कुलदीप गैरोला, प्रदीप, स्कॉलर्स होम की प्रधानाचार्य छाया खन्ना, दून कैम्ब्रिज की प्रधानाचार्य एचके छाबड़ा, दून इंटरनेशनल के चेयरमैन डीएस मान, निदेशक एचएस मान, एशियन स्कूल के निदेशक मदनजीत सिंह, प्रधानाचार्य एके दास आदि उपस्थित रहे।

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