गिरफतारी, परीक्षा रद और नई तारीख के ऐलान में तेजी

पटवारी भर्ती का पेपर लीक होने के मामले में राज्य सरकार तत्काल एक्शन मोड में आ गई। इस मामले में जहां पांच लोगों को गिरफतार किया गया वहीं, अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को सस्पेंड कर दिया गया। वर्तमान भर्ती परीक्षा को तत्काल रद करते हुए दोबारा परीक्षा की नई तारीख भी घोषित कर दी गई। राज्य सरकार ने पटवारी भर्ती घपले में तेज कार्रवाई करने के निर्देश दिए। राल्य में पहली बार ऐसा हुआ कि भर्ती परीक्षा में अनियमितता सामने आते ही, कई आरोपियों को गिरफतार करते हुए परीक्षा रद कर दी गई साथ ही दोबारा परीक्षा कराने के लिए नई तारीख की भी घोषणा कर दी गई। इस संवंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पेपर लीक मामले की जांच कराई जा रही है। युवाओं के हितों और कानून से खिलवाड़ करने में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। भर्ती परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए हम शीघ्र ही एक सख्त कानुन लाने जा रहे हैं। उधर एसएसपी एसटीएफ आयुश अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने भर्जियों में जीरो टाॅलरेंस की नीति का आदेश दिया है। डीजीपी अशोक कुमार के निर्देश पर इस नीति पर चलकर रख रही है। पुर्व में उजागर घपलों में 54 लोगों की गिरफतारियां हो चुकी हैं। आठ जनवरी को हुई परीक्षा को लेकर गोपनीय सूचना मिली थी, जिसके आधार पर जांच की तो पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो गया। अग्रवाल ने इस गैंग के हाकम गैंग से जुड़े होने के सवाल पर फिलहाल इनकार किया। सूत्रों के मुताबिक, जिन 35 अभ्यर्थियों को पेपर बेचा गया, उनमें से कई से एसटीएफ ने पूछताछ की तो सारी पोल खुल गई।

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