आम्रपाली ने ऐसे घुमाया बायर्स का 3000 करोड़

कंपनी ने यह कहते हुए डायवर्जन को सही ठहराने की कोशिश की कि पैसे ग्रुप कंपनियों से बाहर नहीं गए, बल्कि ग्रुप के बिजनस बढ़ाने में ही लगाए गए। ऐफिडेविट में कहा गया है कि कुछ कंपनियों को ग्रुप की ओर से लोन दिया गया और करीब-करीब पूरी रकम वापस आ गई।

News Source: Nav Bharat Times 05 Dec, 2018 10:56 AM

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