दो बहनों ने एकसाथ रचा इतिहास, कहा- कठिन परिश्रम और लक्ष्य पर रखा फोकस 

दो बहनों ने एकसाथ रचा इतिहास, कहा- कठिन परिश्रम और लक्ष्य पर रखा फोकस 

दिल्ली में रोहिणी सेक्टर- 15 निवासी दोनों बहनों सृष्टि और सिमरन ने एक साथ सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाकर इतिहास रच दिया है। सिविल सेवा में सृष्टि को 373वीं और सिमरन को 474वीं रैंक आई है। घर छोटा होने के चलते जगह नहीं होती थी तो दोनों बहनें पास की ही लाइब्रेरी में जाकर तैयारी करती थीं।
 
दिल्ली निवासी दो बहनों सृष्टि और सिमरन ने एक साथ सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाकर इतिहास रचा है। रोहिणी सेक्टर- 15 निवासी दोनों बहनों ने इंजीनियरिंग और इॅकोनोमिक्स ऑनर्स की डिग्री पाने के बाद मल्टीनेशनल कंपनियों के लाखों के पैकेज छोड़कर देश और पिता नीरज कुमार का सपना पूरा करने के लिए यूपीएससी की तैयारी शुरू की। दोनों मूल रूप से आगरा की है।


सिविल सेवा में सृष्टि को 373वीं और सिमरन को 474वीं रैंक
घर छोटा होने के चलते जगह नहीं होती थी तो दोनों बहनें पास की ही लाइब्रेरी में जाकर तैयारी करती थीं। सृष्टि को 373 वीं रैंक और सिमरन को 474 वीं रैंक मिली है। परिवार में पिता नीरज कुमार प्रापर्टी का काम करते हैं और मां सुमन गृहिणी हैं।


सृष्टि और सिमरन कहती हैं कि कठिन परिश्रम और लक्ष्य पर फोकस रखने, अपना 100 फीसदी देकर तैयारी करने से सफलता जरूरत मिलती है। ध्यान को भटकने नहीं देना है।

यूएन में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना: सिमरन
बीटेक पास सिमरन कहती हैं कि बचपन से पापा आईएएस बनने के लिए प्रेरित करते थे। हालांकि मुझे साइंस विषय पसंद थे।कॉलेज की सीनियर दुर्गा शक्ति नागपाल के बारे में सुना तो मेरे अंदर भी सिविल सेवा में जाने की इच्छा जागृत हो गई। मैं विदेश सेवा को चुनना चाहती हूं। मेरा सपना है कि यूनाइटेड नेशन में देश का प्रतिनिधित्व करूं।

पापा का सपना पूरा करने पर रखा फोकस: सृष्टि  
बचपन से पापा मुझे भी दीदी की तरह आईएएस बनाने के लिए प्रेरित करते थे। लेकिन मैंने स्कूली शिक्षा के बाद दिल्ली के  श्रीराम कॉलेज आफ कॉमर्स में इॅकनॉमिक्स ऑनर्स में दाखिला लिया। फाइनल ईयर में पापा का सपना पूरा करने के लिए यूपीएससी की तैयारी शुरू की।

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