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Table Tennis

Table Tennis

Table Tennis is a sport played on a table either in a single or doubles format. The sport, which originated in England, is currently played by almost all countries around the world. The Chinese have dominated the sport for the last two decades.   Table Tennis is played on a rectangular table with a net in the middle that splits the table into two halves. Each half has a vertical marker line in the middle that splits the half into two boxes. The sport is played with a racket (also called a bat or paddle) and a lightweight plastic ball. A play starts with a serve. Serves are required to land on the diagonally opposite box on the other side. All subsequent shots are allowed to bounce anywhere on the opponents side of the table. Serves are the only shots that are allowed to bounce once on the player's own side of the table. All other shots have to directly fall on the opponents side. Each player alternatively gets to serves two times, irrespective of which player gets the point off of a serve. Points are awarded to a player when an opponent is unable to return the ball back on to a player's half of the table. Table tennis matches are played in best of seven sets format, where a player who first wins four sets, wins the match. Each set is played for 21 points, and the has to be won with a two point differential. If a player reaches 21 without a two point differential the match continues until one player get a two point lead. ITTF, the highest governing body for the sport, conducts several major tournaments around the world. Table tennis is also played in the Olympics.


टेबल टेनिस को पिंग पोंग भी कहा जाता है। टेबल टेनिस को कमरों के भीतर खेलने के लिए बनाया गया था। सबसे पहले टेबल टेनिस की शुरुआत इंग्लैंड में हुई। सन् 1922 में इंग्लैंड में टेबल टेनिस ऐसोसिएशन बना तथा प्रथम विश्वप्रतियोगिता लंदन में हुई। अब यह खेल अत्यंत लोकप्रिय हो चुका है और संसार के 71 देशों में खेला जाता है।खेल के नियम टेबल टेनिस एक समय में दो (एकल) या चार (युगल) खिलाड़ियों के बीच खेला जाता है। प्रत्येक खिलाड़ी एक बल्ला (बैट) लेता है तथा एक गेंद आवश्यक है। खेल का क्षेत्र एक लकड़ी की सतह का टेबल होता है। पैरों में रबर के जूते तथा रंगीन कपड़े (किसी भी गहरे रंग के) पहनना अनिवार्य है।


टेबल की लंबाई 9 फुट, चौड़ाई 5 फुट, सतह की मोटाई 1 इंच (या 3/4 इंच भी) तथा भूमि से ऊँचाई 2.5 फुट होती है। लकड़ी के अलावा स्लेट, काँच या प्लास्टिक की सतह के टेबल भी बनाए जाते हैं। टेबल की सतह पर 12 फुट ऊपर से सीधी गिराई गई गेंद को टिप्पा लेकर 8 से 9 फुट के बीच तक उछलना चाहिए। टेबल के ऊपर बिजली के प्रकाश का उचित प्रबंध रहता है ताकि रात्रि में भी खेल हो सके।टेबल के चारों ओर 3/4 इंच मोटी सफेद लाइन (रेखा) और लंबाई में बीच से 1/8 इंच चौड़ी रेखा (केवल युगल खेल के लिए) बनी रहती है। टेबल के बीच चौड़ाई में आर पार, 6 इंच ऊँचा जाल तना रहता है, जो टेबल की चौड़ाई के बाहर दोनों ओर छह इंच तक बाहर निकला रहता है।सैल्यूलाइड की गोल सफेद गेंद, जिसकी परिधि 41/2 से 4 3/4 इंच के बीच और जिसका भार 2.40 से 2.53 ग्राम के बीच हो, खेल के लिए चुनी जाती है।


मेज़


स्मरणीय तथ्य मेज़ का आकार आयताकार लम्बाई 274 सैंटीमीटर चौड़ाई 152.5 सैंटीमीटर फर्श से ऊँचाई 76 जाल की लम्बाई 183 खेलने वाले तल से जाल की ऊँचाई 15.25 गेंद की परिधि 37.2 मिलीमीटर से 38.2 मिलीमीटर गेंद का वज़न 2.40 ग्राम से 2.53 ग्राम तक गेंद जिस चीज़ का बना हो सैल्यूलाइड या सफेद प्लास्टिक का मेज़ आयताकार होती है। इसकी लम्बाई 274 सैंटीमीटर तथा चौड़ाई 152.5 सैंटीमीटर होती है। इसकी ऊपरी सतह फर्श से 76 सैंटीमीटर ऊँची होगी। मेज़ किसी भी पदार्थ से निर्मित हो सकती है, परंतु उसके धरातल पर 30.5 सैंटीमीटर की ऊँचाई से कोई प्रामणिक गेंद फैंकने पर एक सार टप्पा खाएगी जो 22 सैंटीमीटर से कम तथा 25 सैंटीमीटर से अधिक ऊँचा नहीं होना चाहिए। मेज़ के ऊपर धरातल को क्राड़ा तल कहते है। यह गहरे हल्के रंग का होगा। इसके प्रत्येक किनारे पर 2 सैंटीमीटर चौड़ी श्वेत रेखा होगी। 152. 25 सैंटीमीटर के किनारे वाली रेखाएँ अंत रेखाएँ तथा 274 सैंटीमीटर किनारे की रेखाएँ पार्श्व (साइड) रेखाएँ कहलाती हैं। युगल खेल में मेज़ की सतह 3 मिलीमीटर चौड़ी सफेद रेखा द्वारा दो भागों में विभक्त होती है जो साइड रेखा के समांतर तथा प्रत्येक के समान दूरी पर होती है। इसे केन्द्र रेखा कहते हैं।


जाल


जाल की लम्बाई 183 सैंटीमीटर होती है। इसका ऊपरी भाग क्रीड़ा- तल से 15.25 सैंटीमीटर ऊँचा होता है। यह रस्सी द्वारा 15.25 सैंटीमीटर 15.25 सैंटीमीटर से बाहर की ओर होती है।


गेंद


गेंद गोलाकार होती है। यह सैल्यूलाइड अथवा प्लास्टिक की सफ़ेद पीली परंतु प्रतिबिम्बहीन होती है। इसका व्यास 37.2 मिलीलीटर से कम तथा 38. 2 मिलीमीटर से अधिक नहीं होता। इसका भार 2.40 ग्राम से कम तथा 2.53 ग्राम से अधिक नहीं होता।


रैकेट


रैकेट किसी भी आकार या भार का हो सकता है। इसका तल गहरे रंग का होना चाहिए।एकल खेल में सर्विस करने वाला (सर्वर) लगातार पाँच सर्विसें करता है। चाहे उसका अंक बने या न बने। उसके पश्चात् सर्विस दूसरे खिलाड़ी को मिलती है। इस तरह उसको भी पाँच सर्विस करने के बाद सर्विस में तबदीली होती है।रैकेट, जाल, गेंद (टेबल टेनिस) युगल खेल में सर्वर सर्विस करता है तथा रिसीवरी अच्छी वापिसी करेगा। सर्वर का साथी फिर बढ़िया वापिसी करेगा और बारी-बारी प्रत्येक खिलाड़ी उसी क्रम से बढ़िया वापिसी करेंगे। उत्कृष्ट सर्विससर्विस में गेंद का सम्पर्क करता हुआ मुक्त हाथ खुला, अंगुलियाँ जुड़ी हुई तथा अंगूठा मुक्त रहेगा और क्रीड़ा - तल के लेवल के द्वारा सर्वरा गेंद को ला कर हवा में इस प्रकार सर्विस शुरू करेगा कि गेंद हर समय निर्णायक को नज़र आए। गेंद फिर इस प्रकार प्रहारित होगी कि सर्वप्रथम सर्वर का स्पर्श करके सीधे जाल के ऊपर या आस-पास पार करती हुई पुनः प्रहार के क्षेत्र का स्पर्श कर ले। खेल में गेंद पहले सर्वर या दायां अर्द्धक या उसके जाल की ओर की केन्द्र रेखा स्पर्श करके जाल के आस-पास या सीधे ऊपर से गुज़र कर प्रहारक के दायें अर्द्धक या उसके जाल की ओर केन्द्र रेखा का स्पर्श करे।

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