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गुरु कुम्हार, शिष्य कुंभ

गुरु और शिष्य के बीच जो नाता है, उसे भारत में विशेष महत्व दिया जाता है। संत कबीर ने सारगर्भित रूप में कहा है, गुरु कुम्हार, शिष्य अपने शिष्य को चोट भी मारता है और उस चोट को सहने के लिए उसे सहारा भी देता है। इस अपूर्व संबंध का उत्सव मनाया जाता है आषाढ़ के…